Thursday, November 7, 2013

दीयों, कितने अच्छे लगते हो.....



दीयों !!!
कितने अच्छे लगते हो
तुम जलते हुए
इस तरह से
जगमग - जगमग करते हुए...!

अच्छा बताओ तो
कहां से लाते हो भला
इतने सुन्दर सी रोशनी?!
कहां से लाते हो
इतनी प्यारी सी मुस्कुराहट....!

मेरे लिये वहीं से
एक प्यारी सी
गुड़िया ला दो न
कुछ प्यारे से खिलौनों से
मेरा दिल बहला दो न....!

पढ़ना - लिखना तो
चलता रहता है पूरे साल,
घर का माहौल भी
एक सा रहता है पूरे साल,
तुम नई - नई सौगातों के जरिये
इस उत्सब को खास बना दो न....!

पापा - मम्मी के कई सपने
सब के सब हैं पूरे करने
तुम मेरी खातिर उनकी पसंद की
ढेर सारी खुशियां ला दो न.. !

- विशाल चर्चित

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